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भागलपुर ( बिहार ) – बिहार के भागलपुर जिले के माणिकपुर में चैत्री नवरात्र की पूजा बड़े धूमधाम से हो रही है। दरअसल माणिकपुर में पिछले 19 सालों से 300 लोग धूमधाम से नवरात्रि मना रहे हैं। पिछले 19 सालों से इन 300 लोगों के सहयोग से कलश पूजन, महाआरती और प्रतिमा का निर्माण कराया जाता रहा है। पंडित सौरभ मिश्र और चैती नवरात्र पूजन के आयोजक हरि शंकर सहाय ने बताया कि चैती नवरात्र की पूजा परंपरा माणिकपुर में खास है। माणिकपुर बस्ती की चर्चा साहित्यकार शरतचंद की कथानक देवदास और उस पर बनी फ़िल्म देवदास में भी है।

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Transcript
01:00प्रोट्रीमा प्रसादि से खोने की परमेश करते हैं
01:07भागलपोर में बहुत वधवत्यों के चीज़े से प्रतिमा को बैठायाजाता है
01:11मानिक्कपूर मांए, चौडरेडी बो्रोच, आली गंच पीन
01:16बागलपूर में विवीन छेत्रों में प्रक्तिमा बैठाया जाता है
01:19बहुत जगड सिर्फ कलसी बैठाया जाता है
01:21यहाँ मानिकपूर में विधिवत पूजा
01:24सारे दाताओं के द्वारा, भक्तों के द्वारा होता है
01:30और बड़ी धूम धाम से यहां की पूजा
01:33हम लोग कारे लोग मनाते हैं
01:35तवीका का योग गुप्ट दान द्वारा, विफापा द्वारा दिया जाता है
01:42और ये सारा हमारे आयोजक हरिशंकर शाहाय जी
01:48इनके मार्क दर्शन से सारा कारे चलता रहता है
01:52समिती के बहुत सारे पदाबिकारी बने जो हैं, हैं भी
01:55सभी अपने कारे में काम करते हैं
01:57लेकिन हम लोग का में निस्का होता है
02:00पूजा बढ़ियाते हो और होता है भवतिरी कुपा से
02:05मा आश्टनी आर्थी होगा
02:08जो बहुत देखने लाईक है
02:10पूरे भागलपूर के समिती को अमंतरन किया गया है
02:13और वो लोग भी आश्वाशन दी रहे हैं
02:1519 बर्सों से यहां चैती दुर्गा पूजा मनाया जा रहा है
02:21इस पूजा की खासियत है
02:23कि लगबत 300 मेंबर पहले पूछ चुके थे हम लोग के
02:28इस बार 25 मेंबर और बढ़े हैं
02:30यह पूर्ण दुपें कैसलेश समिती है
02:34कैनडा बैंक में पूजा समिती का एकाउंट है
02:36हमारे मेंबर के दुआरा यहां पूजा किया जाता है
02:39और गुप्त दान का लिफाफा हम लोग बढ़वाते हैं समिती के दौरा
02:43जो कि सब आदमी पूरे गाउं में बढ़ता है
02:46और सर्धा पूर्वत सब अपने यथा अनुसार
02:50सब आके यहां पोचाते हैं
02:53यहां रशीद नहीं शपाई होता है
02:56सिर्फ मेंबर के दौरा यहां पूजा भुम नाम से कुन बनाये जाता है
03:01यहां बिदी बीदान से अच्छे पूजा है
03:05यहां सहत का भूग लगा
03:06कल जैसे पांच पूजा था पांच बहुत केला का भूग लगा
03:10जैसे जो चीज होता है विदईी ऎनातार
03:14यहां दैनिक भूग लगाया जाता है
03:16www.OSHO.com
03:21OSHO is a registered Trademark of OSHO International Foundation

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