• 2 days ago
Hindi News: आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, "देश का माहौल खराब किया जा रहा है. क्या सभी प्रयोग मुसलमानों पर होंगे. 30 साल में वक्फ के 8 मामले आए हैं. कुछ समुदाय हाशिये पर धकेले जा रहे हैं." आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, "इस देश के मुसलमान को इस मिट्टी पर कर्ज है और इस मिट्टी का मुसलमान पर है. इस कर्ज के रिश्ते को व्यापारी के रिश्ते मत देखिए. अगर आपके नजर में बदलाव नहीं आएगा तो सबकुछ बिखड़ कर रह जाएगा."

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00:00तो वक्व संचोधन बिल राज्य सभा में इस पर चर्चा चल रही है
00:03फिलाल RGD किसांसद मनोड चा अपनी बात रख रहे हैं
00:06आज तंत्र में नहीं है
00:08लोग तंत्र में एक एक पाई स्टेट एक शेकर की है
00:12और एक एक पाई पे एक एक नागरिक का हक है
00:16और उस नागरिक का भी है जो खास्ये पे है
00:19और उस नागरिक का भी है जिसने जानवरों को
00:22बन्द कर के एक प्राइवेट जू खोल लिया है
00:26हमें समझना होगा
00:28मानने ये उठसभापती महोद
00:29कल, मैं मानने ये घरीव मंतरी जी को सुन रहा था
00:34मान निये ग्रीह मंत्री जी बहुत अच्छी तरह से जो वाक्फ है उसका ओरिजीन बता रहे था।
00:42मैं तैयारी का सोर्स हम लोगों का साथ कुछ तो समान है हमारे में।
00:48तो वाक्फ क्यों है अरेबिक क्या शाब्ध है वाक्फा से निकला मान निया।
00:53और इसका मतलब है कि पवूतर कौँग काम हो
00:57दान हो धार्मिक काम हो
01:00उसमे इसका इस्तिमाल हो
01:01और आलग-लग लोग इसका प्रणं सीयेशन अलग करते हैं
01:04कोई वाक्फ बोलता है
01:06कोई वाकफ बोलता है
01:08ये अलग-अलग धारायें हैं इस देशके
01:10کعبہ کی مسجد جو 622 میں بنی
01:13پرافیت محمد کے டஈம
01:14Peace be upon him
01:16वो पहली इस्लामिक वक्त थी
01:18उसके बाद
01:20एक चीज हम सबको याद रखना चाहिए
01:22हम किसी भी धर्म के मानने वाले हों
01:24राष्ट्र की अवधारना से पुर्व
01:27नदिया नहीं बटी थी
01:29संस्थाएं ऐसे नहीं बटे थे
01:31बन ते गए
01:33उसमें सुधार भी हुआ
01:35आप पहली बार सुधार नहीं कर रहे हैं
01:37इसमें सुधार आगे भी होगा
01:39मैंने कहा ना कि दिक्कत होती है
01:41कि जब आपका intent और आपका content
01:43दोनों मैच करता है
01:45तो डर लगता है
01:47क्योंकि उस समुधाई के बारे में
01:49सर
01:51मैं एक बात ज़रूर कहुंगा
01:53इस बिल को
01:55क्योंकि बिल के कुछ बिंदूआ पर आओं उससे पहले
01:57बाबा साहब भीमराव अम्बेदकर को
01:59invoke किया गया
02:01और मैं चाहूंगा बाबा साहब भीमराव अम्बेदकर
02:03उन्होंने एक लाइन कही थी
02:05उसको बार बार पढ़ी है
02:25और ये दोनों चीज़े बहुतायत में हैं
02:27और अलग अलग जगहों पर हैं
02:29सर जमीन के साथ किसी व्यक्ति
02:31और किसी कॉम का क्या रिष्टा होता है
02:33इसको भी समझने की जरुवत है
02:35सच कहूं तो
02:37कई बार एहसास ये भी होता है
02:39कि विद्धिस बिल
02:41is it a legal cover
02:43for bulldozer
02:45that scares me
02:47as a citizen of this country
02:49कमाल की बात है
02:51मुसल्मान शहरों में रहे
02:53घेक्टो, गाउं में गया
03:25वो कैसे दूर होंगी
03:27बैट करके दूर होंगी
03:29किसी को dog whistle politics
03:31का उपकरण पना करके
03:33अगर आप अलग करना चाहोगे
03:35तो वो उचित नहीं है
03:37मानन ये
03:39उपसभापती महोद
03:41आपने कहा, मेरे कई सदस्यों ने कहा
03:43non-muslims को
03:45तारीफ करूँगा
03:47खड़ा हो जाओंगा पक्ष में
03:49अगर इतना secular मिजाज इस देश का कर दीजिये
03:51कि हर धर्म के
03:53संस्थाओं में दूसरे धर्म के
03:55लोग हो
03:57इस्लामिक community में डालिये
03:59तो हिंदु में डालिये, जिक्खों में डालिये
04:01क्रिश्चन्स में डालिये
04:03तब न बात होगी
04:05या सिर्फ तै कर लिया
04:07कि सारे प्रियोग
04:09या सारा संयोग
04:11मुसल्मानों को ले करते होगा
04:13ये उचित नहीं है माननियोग सभापती महादर
04:15इसमें क्या है
04:17मैं दूसरी चीज गोँगा
04:19कि
04:21संपति वक्त की है
04:31कि कितना डिजिटलाइज हो गया
04:33कितना एंकरोच्मेंट हुआ
04:35एक छोटी सी बात कहुंगा
04:37कि एक बहुत बेहतर चीज
04:39आपने कही थी और मैंने
04:41नोट किया था
04:43सर एक
04:45कायदे से
04:47सोरी
04:49नहीं नहीं
04:51दूंढ गए में तो समय लगे था
04:53सर अच्छोली
04:55सर अच्छोली
04:57एक नख
04:59सुनो सरी
05:01सुनो दूंढ ने में जो समय लगेगा
05:03उतना अतिरिक्ष समय आपको मिलेगा
05:05थांक्यू
05:07तांक्यू सर
05:09सर
05:11सर इन्हों ने कहा
05:13अब देखिये
05:15तीस बरस में
05:17प्लिज जेहराम जी
05:19तीस बरस में
05:21सर मैं इस बोन होमी को तो धन्यवाद कहता हूँ, लेकिन इससे मुझे जैसे सदर्स्य को थोड़ी दिक्कत होती है अपनी बात रखने में.
05:31मां की अपने प्यार के लिए बहुत जगह है इजहार के लिए. मैं सिर्फ ये कह रहा हूँ, तीस बरस में सिर्फ आठ केसे साई. क्या कर रहे हैं हम सर?
05:41अब वाक्ष बाई यूजर, ये बहुत इंट्रेस्टेंड चीज है, किसी भी समुदाय की एक सम्रिती होती है, मारनियो सभापति मुझे देखिये, मैं भी आपी को देखूँगा, किसी भी समुदाय की एक समृती होती है, कोई मस्जित कब से यूज मैं है, कागजात द�
06:11और सर्वे ही बंद कर दिया बिहार की सर्कार ने
06:13तो मैं ये कह रहा हूँ
06:15कि पूरे समुधाई को कटगड़े में ख़ड़ा करने के लिए
06:18आप यूही एक आम अधना मुसल्मान शेहरी
06:23और अधर वाईस वो परेशान है
06:25पुरानी समपती है
06:27लाक उफ टेकनिकल एक्सपर्टीज नहीं है
06:29कहां से लाए
06:31सब विवाद में आ जाएंगे
06:32लिटिकेशन का एक पहार ख़ड़ा हो जाएगा हमारे समझ
06:37और हाँ
06:38आप डी-म को बहुत काम पकड़ाते हो
06:41बेचारा डी-म लोकल लेवल पर हम कहते हैं
06:45जितनी आपकी योजनाएं है
06:48जाएंग भाई की विवाद की योजनाएं हो
06:51किसी की योजनाएं है
06:52डी-म नोडल अफिसर
06:55और हम ये मान के बी चलते हैं
06:57कि डी-म है तो ग्यान का सारा भंडार उसके पास है
07:01DM को एक एक माकमे की मीटिंग का टाइम नहीं मिलता है
07:04क्या क्या करेगा DM
07:06मैं आपके माध्यम से
07:08मान ये सभापती महद
07:11वीकर सेक्षन्स की बड़ी चर्चा इसमें की रही है
07:14तमसे कम पस्मानदा
07:16अपने हिंदु समाज में भी पस्मानदा बहुत बड़े है
07:19जब जब आपनों के पास आगरा करता हूं
07:22जीरो आवर के माध्यम से
07:23या किसी उपकरण से
07:25कि सहब कास सेंसस करवा दो
07:28तो आप चुप हो जाते हैं
07:30अभी संजय जी ने कहा
07:32कि भगवान में
07:33अगर ये विवस्ता नहीं बनाई ऊच नीच की
07:36जाती विवस्ता की
07:38तो भगवान के समक्ष
07:40जो इबादत का है जो मंदिर है
07:42वहां क्यों ये विवस्ता बनी रहे
07:44क्यों नहीं आरक्षन हो
07:46क्यों नहीं हम सो निश्चित करें
07:48कि पूजा पढ़धती
07:50किसी एक जाती विशेष के हाथ में नहो
07:52हर कोई
07:54हर कोई उसमें भागिदारी कर सके
07:56सर तब तो
07:58तब तो जो राष्ट्र की संकल्पना थी
08:00हमारी हम उसको साकार कर पाएंगे
08:02आप देखिये
08:04consultation
08:06जीजु जी बहुत इनोसंट
08:08चरितर के हैं बहुत इनोसंट चेहरा भी है
08:10consultation के इतने
08:12आकरे बता दिये
08:14इतने आकरे बता दिये
08:16बुपेंदर जी आप उठते हैं
08:18लगता है आप point of order ले लीजीएगा
08:20हाँ
08:22consultation
08:24there is absolute lack of consultation
08:26consultation is not about
08:28we called so many meetings
08:30consultation is about
08:32did you listen to them
08:34सुना या सुना दिया
08:36आप सुनते नहीं हो
08:38सुनाते हो
08:40इसको समबाद नहीं कहते हैं
08:44समबाद का मतलब होता है
08:46दोनों चीजें
08:48और एक चीज मैं कहुंगा
08:50और वही ख़तम करूंगा
08:52संस्थागत गैर माजूद की
08:54muslims की आप
08:56इंस्चौर कर रहे हैं
08:58इतिहास के इस कालखंड मैं हूँ
09:01मांजे लीडर अब धा हाऊस है आमारे साथी है यहाँ
09:04दो मिनट के बाद मेरी कही गई बात भी हिस्ट्री हो जाएगी
09:08इतिहास बन जाएगा
09:10लेकिन मैं आपसे आग्रह करता हूँ मतदी जी
09:13डोंट हरी आप
09:16इस देश के मुसल्मान
09:18का इस मिट्टी पे कर्ज है काई इस मुसल्मान पे बाद
09:22कि जी के रिटे को ब्यापारी ब्यापारी की नजर से मत देखी
09:27कि जाटорон की नजर से मत डेखी
09:30क्योंकि अगर वो नजर आपकी नजर में बदलाव नहीं आएगा
09:34तो माननिये उपसभापती मोहद सबकुछ हमारा विखर के रह जाएगा
09:40आखरी एक मिनिट लूँगा मैं सोच के आया था कि क्या कूँ
09:46मैंने इदगाह का जिकर इसलिए किया
09:48एक नूर मिया की सुर्मा का भी कर सकता था
09:51बिद्रोही जी नहीं लिखा उनसे पहले केदार नात सिंग दे लिखा
09:54लिकिन मैं अदम कुंडवी गौंडा जिला उत्तर प्रदेश का आभार करते हुए
09:59मैं एक दो लाइन पढ़ करके अपनी बात खत्म करूँगा
10:03हिंदु या मुसल्मान के लिए के एहसासात को मत छेरिये
10:07अपनी कुर्सी के लिए इस जजबात को मत छेरिये
10:11हम में कोई हुण, कोई शक, कोई मंगोल
10:14पता करना बढ़ा मुश्किल है कौन कहा से
10:17हम में कोई हुण, कोई शक, कोई मंगोल
10:21दफन है जो बात, अब उस बात को मत छेरिये
10:24गल्तियां बाबर की थी, जुम्मन का घर फिर क्यों जले
10:28ऐसे नाजुक वक्त में, हालात को मत छेरिये
10:32है कहां हिटलर, हलाकु जार या चंगेज का
10:36मिट गए सब, कौम की आउकात को मत छेरिये
10:40छेरिये एक जंग, छेरिये एक जंग, मिल्जुलकर गरीबी के
10:45खिलाफ, दोस्त मेरे मज़भी, नगबात को मत छेरिये
10:50हाथ जोड करके, हाथ जोड के कहता हूं सर, इसको
10:54फिर से कंसल्टेशन के लिए भेजिये, और
10:57एक्जिक्यूटिव के डिसीजन को कंतर करिये, एक्जिक्यूटिव
11:01के डिसीजन को, इंफिलुएंस को कंतर करिये, और पूरी
11:05दुनिया नॉमिनेटेट से एलेक्टेट पर जा रही है, आप
11:09एलेक्टेट से नॉमिनेटेट पर जा रहे हो, नॉमिनेटेट
11:12नॉमिनेटेड लोग बड़े खातरनाख होते हैं
11:15ध्यान लखना सर
11:16जायें सर
11:18धन्यवाद बनुजी
11:24तो विपक्ष की तरफ से लगतार सरकार की घिरावन्दी
11:27इसी वक्ष संचोदन बिल को लेकर
11:29हलकी सरकार की भी तैयारी पूरी है
11:32वक्ष संचोदन बिल को लेकर
11:34जब सदन में शर्षा में हिस्सा लिया
11:36अपनी बात रखी तो निशाने पर विपक्ष को लिया
11:38उन्होंने वक्ष को लेकर कई सवाल खड़े किये
11:41और इस बिल के खिलाब बोलने वाले दलों पर तीखा निशाना साधा
11:45उन्हें भी सुनिये सर्फ
12:16जिस जमीन पर हाथ रख दिया इन्होंने
12:19वो जमीन उनकी हो गई
12:21आज इस मांसिक्ता से ये काम करते हैं
12:23जमीनों पर मैं कानून ले करके आया हूँ
12:25अध्यक्ष महुदे
12:27इसी सदन में मांनी सदस्य जूत बोल रहे थे
12:31आसत्य बोल रहे थे
12:331995 का ये एक्ट है
12:35धारा चालिस
12:37दा बोर्ड में इसेल्फ कलेक्ट इंफार्मेशन
12:39बोर्ड स्वाता है
12:41इस बात की सूचनाई कटी कर सकता है
12:45तो देखे एक तरफ वक्स अंशुदन बिल को ले कर
12:47सदन में चर्चा चल रही है
12:49लोक सबा से कल बिल पास हो गया है
12:51आज राज्य सबा में बिल पर चर्चा चारी है

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