• 2 days ago
हाल ही में हमारे recent interview में हमारी बात Dibyendu Bhattacharya से हुई उन्होंने हमसे अपने acting career के बारे में काफी बात की. उन्होंने बताया की वह अपने characters choose कैसे करते हैं और किस तरह से हर role में जान डालते हैं. उन्होंने Mission Raniganj के failure के पीछे के reasons को भी discuss किया, क्या गलत हुआ और क्या better हो सकता था. Dibyendu ने हमसे Greh Laxmi के बारे में भी अपने thoughts share किये, और कैसे यह show उनके लिए खास था. उन्होंने Amrish Puri के legendary villain roles पर भी बात की वह कैसे सबसे बड़े villain बन गए और उनके roles आज भी लोगों के दिल में बास्ते हैं. और साथ ही उन्होंने कैसे Mumbai आकर अपने career की शुरुवात की, struggles face किये और कैसे अपने talent से top तक पहुंच गए.

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00:00अगर मुझे कभी कोई character अगर offer किया जाता है,
00:02तो सबसे पहले मैं देखता हूँ कि character कैसा है,
00:05मतलब इस character को अगर इस कहानी से निकाल दिया जाया है,
00:08तो कहानी वालिड रहती है नहीं रहती है।
00:10अगर character अच्छी तरीके से लिखा हुआ ना हों,
00:12तो उस character करके कोई फाइदा नहीं है।
00:14मैं एक yes man की तरफ का, तरह से काम करता हूँ,
00:18कि मैं आते ही ना नहीं बोलता हूँ,
00:21मैं सबसे पहले हाँ बोलता हूँ।
00:230.1% chance होगा जहां मैं जाके ना बोल रहा हूँ,
00:26कि नहीं हो पाएगा में से।
00:28मैं हमेशे लोगों की कहता हूँ,
00:29कि जो मुझे पाँच रुपाए दे रहे हैं,
00:30उसके लिए भी मैं 100 रुपाए का काम करता हूँ।
00:33जो मुझे 200 रुपाए दे रहे हैं,
00:35उसके लिए भी मैं 100 रुपाए का ही काम करूँगा।
00:37Frankly speaking मैं बताओ ना,
00:38कि अगर एक बार सीरीज वार्क नहीं करता,
00:41तो कुछ भी नहीं वार्क करता।
00:42ऐसे बहुत लोग कहते हैं,
00:44कि सीरीज तो बहुत बेकर था,
00:45बहुत बखबास था,
00:46लेकिन जब आप आते थे,
00:48बढ़ा मज़ार आता था।
00:49मैंने बोला यार वो तुम्हारा ब्यार बोल रहा है।
00:51बेतरीन प्लैटसॉंग्स में इतने सारे बेतरीन शोज आते हैं,
00:55तो लोगों का टेस्ट बार चेंज हो चेंज हो चुका है।
00:57लोग सहलियत के हिसाब से अपने
00:59personal meet time में चीज़े देखते हैं,
01:01अब entertainment उनके private domain में आ चुका है।
01:04तो मिशन राड़ी गंग लोगों पता कैसे चलेगा? लोग देखेंगे कैसे?
01:18तो मिशन राड़ी गंग के साथ भी वासे ही हुआ था।
01:20जो पता है कि हिना जी से परिस्थीरी से जूज रही है,
01:22और जब हिना ने ये काम किया था, हमने जब ये शो किया था,
01:26तो उस टाइम हमको पता ही नहीं था कि हिना के साथ ये सब हो रहा है।
01:31बिकोस तब तक डाइकनाइस नहीं हुआ था।
01:36पर अमरिश पूरी साहब को देखा जाये,
01:38तो उन्होंने तो एक नए चाप्टर विलियन्स का शुरू कर दिया।
01:42बतलब कुछ भी बतलब, ठकराल से लेके शुरू करके,
01:46ही जटखाना, हो जटखाना, बोगाम गो खुश्वा, सौम सौम, सामोसा का,
01:52क्या नहीं किया उन्होंने?
01:53पुलीस वाला, पुलीस वाला तो पुलीस वाला है, वो तो एक बर्दी पहना हुआ है,
01:56लेकिन अब बलते कोई इंसान है ना,
01:59तो अगर इंसान की तरह से अगर उसको देखा जाये,
02:01तो आप उसको सुपर हीमन कभी मानेंगे नहीं।
02:03पिल्म कैसी भी हो, किसकी भी हो,
02:06सीरीज कैसी भी हो, किसकी भी हो,
02:08जब आपको देखते हैं,
02:10तो लगता है कि मतलब दमदार काम किया है।
02:17तो ये एक इमिज आपकी,
02:20अगर जर्नलिस्ट भी मेरी नजरों में हैं,
02:22और जब भी जिससे बात होती है,
02:24कभी आपके साथ इंटरव्यू किया,
02:26कभी राउंटेबल किया,
02:27तो मतलब लोग देखके एकदम रियाक्शन ही होता है।
02:29और एक कमाल के आक्टर।
02:30आप लोगों का बढ़पन है,
02:33सबका प्यार है, बस ही है।
02:35आज एक्स्ट्लोर करते हैं आपकी जर्नी,
02:37और क्या कमाल के आक्टर को कमाल का ड्यू भी मिलता है नहीं मिलता।
02:41क्योंकि देखके हम तारीफ बहुत करते हैं,
02:43ताली भी बजाते हैं और मजा आ गया।
02:45मैं अभी आपसे कह रहा था कि
02:47वेब सीरीज देख रहा था, मैं अन देखी।
02:49ग्रेह लक्षमी मैंने देखी आपकी रीसंटली और
02:53अभी अक्शे कुमार वाली फिल्म का आप जो जिकर कर रहे थे,
02:57उसमें आपका बहुत कमाल का रोल है,
02:59मिशन राणी गंज।
03:01तो अभी जब काम करते हैं,
03:04इतने साल आपको काम करते हो गए,
03:06अभी करेक्टर जब चूस करते हैं,
03:09तो क्या दिमाग में रहता है?
03:11या फिर दिमाग में बहुत और भी चीजें रहती हैं,
03:16कमर्शल एंगल भी रहता है, बड़ी चीजें रहती हैं,
03:19क्या exactly, किस स्टेज पे हैं,
03:22अगर मैं आपसे पूछों।
03:24As an actor, जैसे अगर मुझे कभी कोई character अगर offer किया जाते हैं,
03:28तो सबसे पहले मैं देखता हूँ कि character कैसा है,
03:31मतलब इस कहानी में, कहानी में character कर क्या रहा है?
03:34मतलब इस character को अगर इस कहानी से निकाल दिया जाए,
03:37तो कहानी वैलिड रहती है नहीं रहती है,
03:41अगर इस character के बिना भी अगर कहानी चल सकती है,
03:44तो उस role में कुछ नहीं है,
03:47अगर वो कहानी का अगर oath-proth हिस्सा हो,
03:52मतलब वो किर्दार, तब ही वो किर्दार करने का मज़ा है,
03:56मतलब है, क्योंकि ये theater तो है नहीं,
04:00कि आप stage में चड़ जाएंगे, उसके बाद 1.5 गंड आपके पास stage में हैं,
04:04और आप कुछ भी improvise करते रहेंगे, audience आपी को देख रहें,
04:07यहां वो वाला system है नहीं,
04:09यहां camera का lens आपकी तरफ घुनेगा,
04:12तब ही आप दिखेंगे,
04:14और वो वाला जो footage है, वो table पर जाके निकल नहीं जाएगा,
04:20काट के आप निकल नहीं देखेंगे, तब ही वो रहेगा,
04:23तो ये शर्टे हैं, तो इसलिए,
04:26अगर character अच्छी तरीके से लिखा हुआ ना हों,
04:29तो उस character करके कोई फायदा नहीं है,
04:32तो सबसे पहले मैं character देखता हूँ,
04:35क्या character कर रहा हूँ,
04:38फिर उसके बाद देखता हूँ, कहाणी,
04:41कहाणी में जान है या नहीं, दम है क्या नहीं,
04:44फिर आप देखते हैं, ensemble कैसे हैं,
04:47आपके साथ और कौन-कौन है,
04:50तो आपके project का gravitas भी पता चलता है,
04:53कि director, producer ने क्या सोचा है, कौन-कौन, किस तरही के actors को चुने हैं,
04:56तो आपको frame भी पता चलता है,
04:59frame of mind भी पता चलता है,
05:02कि ये किस तरह लेके जाने वाले story को,
05:05तो ये सारी चीज़े हैं,
05:08तो ये सारी चीज़े हैं, उसके बाद,
05:11फिर dates आज के तारीक में एक बहुत बड़ी चीज़े होती है,
05:14कि अपके पास अगर पहले का कोई commitment हो,
05:17उन मिनों में अगर कोई show आ जाये,
05:20तो फिर एक difficult बात हो जाती है,
05:23फिर of course, logistics, बाकी logistics भी होती है,
05:28तो वो सारी चीज़े, सब कुछ करने के बाद,
05:31आप एक project को हां बोलते हैं,
05:34लेकिन मेरे लिए क्या होता है, मेरे लिए ज़दातर यही होता है,
05:37कि मैं एक yes man की तरह से काम करता हूँ,
05:41कि मैं आते ही ना नहीं बोलता हूँ,
05:44मैं सबसे पहले हां बोलता हूँ,
05:46हां बोलता हूँ और सुनता हूँ,
05:48क्योंकि वो बहुत valid लगता है मुझे,
05:51क्योंकि किसी ने कुछ ना कुछ तो मेहनत किया है,
05:54मेहनत करके यहां तक आया है,
05:56और वो अगर मैं ना सुनू,
05:58पहले नकार दू, कि मेरे पास टाइम ही नहीं है,
06:00मैं नहीं पढ़ पाँगा,
06:02अगर पढ़ नहीं पाँगा तो मैं बोलता हूँ कि
06:04मैं पढ़ नहीं पाँगा, मेरे पास पढ़ने के विल्कुल टाइम नहीं है,
06:06एक जूम कॉल कर लो,
06:08बैट के सुन लेते हैं,
06:10तो ये सब सारी चीजे मैं करता हूँ,
06:12लेकिन मैं येस वैन ही हूँ,
06:14पॉइंट वैं परसेंच चांस होगा,
06:16जहाँ मैं जाके ना बोल रहा हूँ,
06:18कि नहीं हो पाएगा मेरे से,
06:20अगर वैं मैं हाँ ही बोलता हूँ.
06:22कितनी बार ऐसा होता है कि
06:24फिल्म खराब है,
06:26वेब सीरीज खराब है,
06:28लेकिन आपका काम अच्छा है,
06:30उसकी तारीफ हो रही है,
06:32ऐसा कितनी बार आपके साथ हो?
06:34यार ऐसा,
06:36ऐसा भी बहुत हुआ है,
06:38बहुत हुआ है, लेकिन
06:40स्प्रिंकली स्प्रिकिंग मैं बताओ ना,
06:42कि अगर एक बार सीरीज वार्क नहीं करता,
06:44अगर आप,
06:46क्योंकि ये
06:48कोहेसिव आर्ट फॉर्म है,
06:50एक उर्गनिक आर्ट फॉर्म है,
06:52इसमें, अगर
06:54अलग से आप दिख रहे है, या अलग से
06:56कैमेरा वर्क दिख रहे है, या अलग से
06:58वादिया दिख रहे है, या अलग से
07:00वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख �
07:30या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दिख रहे है, या वादिया दि
08:00कभी कभार ऐसे भी होता है, बहुत बार ऐसे हुआ है कि मैंने बहुत यंग्स्टर्स के साथ काम करता हूँ, मैं कभी कभार बिल्कुल मूफ्त में काम करता हूँ, क्योंकि कोई एक लड़का आया, दादा एक दिन शूटिंग करूँगा, एक शॉट फिल्म करनी है, आपको
08:30कुछ और बना लेता है, वो शिवदत जब किसी और से मिसिंग रहती है न, फिर मज़ा नहीं होता है, फिर मज़ा नहीं आता है, कई बार ऐसे भी होता है, जैसे मिशन राणी गंच, मुझे बड़ी अच्छी फिल्म लगी वो, बहुत अच्छी कास्क थी उसमें, बहुत ट
09:00पर वोर्क नहीं करती है
09:30लोगों के टेस्ट बर्ड भी चेंज हो चुका है, लोग सोहलियत के हिसाब से अपने परस्टनल मी टाइम में चीज़े देखते हैं, अप एंटर्टेन्में उनके प्राइबेट डोमेन में आ चुका है, घर में बैठ के आराम से आप बैठ के चीजे देख सकते हो, तो आप
10:00आप पर कैसे जाएंगे, तो Mission Runnigan जैसे फिल्म है, जैसे मैंने बहुत सारे वादार बिले, तता Mission Runninggan रिलिस्ब बनी है, रिलिज्स बनी है। कभी रिलिस्ब बनी है, पता ही नहीं चला, तो अगर पता नहीं चला है तो लोग कैसे जाएंगे, वैसी �
10:30आज के तारीक में कौन सा शो आप देखेंगे ये लॉक्की ड्रॉ के उपर डिपें करता है।
10:34आपके पास अगर जानकारी नहीं होगी के जो ये सीरीज आउन हुई है, ये सीरीज...
10:42जैसे कि मेरे एक शो था, वो अमेज़ान का शो था वो, अमेज़ान में वो शो को उन्होंने साइलेंट्री ड्रॉप कर दिया।
10:54तो वो साइलेंट्री ड्रॉप किया हुआ था, तो उसका कोई प्रोमोशन वगारा कुछ नहीं था।
11:00तो मैं बाद में लोगों को प्रस्टिकली मेंसेश के, भाई, अमेज़ान में एक शो है, बहुत प्यारा शो है, बहुत बेहनत करके बनाईवी शो है, देख लेकिन लोगों को पता ही नहीं।
11:12मैं हूँ मॉनिका करके एक शो था, वो सालेंटी ड्रॉप हुआ था, आप प्लीज देख लेना, प्लीज देख लेना।
11:26मैं हूँ मॉनिका करके एक शो था, बहुत बेहनत करके बनाईवी शो है, देख लेकिन लोगों को पता ही नहीं। मैं हूँ मॉनिका करके एक शो था, बहुत बेहनत करके लोगों को पता ही नहीं।
11:56एक और सीरीज आपकी रीसेंटली आई ग्रहलक्षमी, जिसमें आपने नेगेटिव रोल प्ले किया है, डॉन का किरदार, और बहुत प्रामिनेंट है, उसमें भी रोल सारे एपिसोड्स में आप हैं, उसके बारे में भी लोगों को नहीं बता, वो एपिकॉन नाम के प्लै
12:26अपिसोड है, जल्दी बहुत सिंपल तरीके से बजाए आ गिया, बहुत बिंजवर्धी शोऐ है, बहुत बिंजवर्धी शोऐ है बिल्कुल, आप आराम से लगा लीजेए, अच्छा आपका उसमें टायं पास होता है और आप इन्टेटेइन होते हैं, बिल्कुल
12:56हीना ने ये काम किया था, हमने जब ये शो किया था तब उस टाइम हमको पता ही नहीं था कि हीना के साथ ये सब हो रहा है
13:04तब तब तक डाइगनोस नहीं हुआ था फिर जून में पता चला कि हीना इस थिति से गुजर रही है
13:14तो लेकिन वो इतनी एनरेजिटिक एक्ट्रेस है, कमाल की भेहतरीन अदाकारा है
13:20कि जब वो शुटिंग करती थी तब बिल्कुल पता नहीं चलता था कि या क्या चल रहा है? शुटिंग के बीच में डाइगनोस हो गया था? नहीं हुआ था. नहीं हुआ था.
13:28लेकिन एक बाद में डाइगनोस हो रहा है, लेकिन कुछ ना कुछ तो अंदर थो होई रहा था, लेकिन उसका भनट नहीं पड़ा.
13:38क्योंकि रात को जबी भी हमारा नाइट शुट बहुत ज़ादा होते थे, क्योंकि ये पूरा नाइटी नाइट है.
13:46तो रात को दो बज़े, तीन बज़े शुट सेम एनरजी के साथ वो ऐसे ही मिलती थी. बहतरीन है. तो हाँ, इस शोँ में चंकी पांड़े है, पिर अपना राहूल देव है, और भेथरीन सारे अक्टर्स है.
14:03तो मेरे कहने के मतलब है कि एपिकॉन ये निव पॉर्टल, निव प्लाटफॉर्म है. तो अभी चक्कर ही है कि हमने मुंबाई में काफी होडिंग्स लगाई, काफी पब्लिसिटी हुई, लेकिन जहां तक अगर चैनल अगर निव है, तो फिर उस इसाब से हमको थ
14:33कम सब्सक्रिप्षन है, कुछ 149 रुपीज के सब्सक्रिप्षन है, तो बिंजवादी शो है, लोग देखे, यही कहना चाहेंगे, लेकिन बड़ा प्लाटफॉर्म होता तो लोग के बाद इसके सब्सक्रिप्षन होते हैं और वो चले जाते हैं.
14:49अच्छा नेगेटिव रोल आप खुब करते हैं?
15:09हाम नेगेटि पॉसिटिव मिला के करते हैं.
15:11तो अभी जब नेगेटिव रोल करते हैं, क्योंकि मैं जब भी आपको नेगेटिव रोल में देखना हूँ, कुछ ना कुछ उसमें आप एक एक्स्ट्रा चीज डालते हैं.
15:21बलाब जो मैंने अबसर्व किया कि कुछ डिक्शन में डालेंगे या कुछ कहीं डालेंगे, जैसे मुझे लगा अमरिश्पुरी जब किया करते थे, कुछ सारे नेगेटिव रोल किया करते हैं, वो कुछ ना कुछ ऐसा कर देते थे, या तो बालों को जटका देंग
15:51गब्बर सिंग्ग, अमजात साब है और कुछ-कुछ है, जैसे के सदाशी बामला पूर्कर उसमें सडख में, महाराणी, सडख में, ऐसे बहुत ही, ऐसे चार-पाच किरता रहे, लेकिन अमरिश्पुरी साब को देखा जाये, तो उन्होंने तो मतलब एक नए चाप्ट
16:21क्या नहीं किया उन्होंने, क्या नहीं किया, अलग लेवल है उनका
16:51तो उसमें आपका अपना इंपूट कितना होता है?
17:21अमरिश्पुरी साब इसलिए बहुत बड़े लेवल का एक्टर है, वो गिमिक रिपीट नहीं करते थे, वो गिमिक रिपीट नहीं करते थे, तो अगर वो ऐसा बाल जटका नहीं था, तो एक ही बार करेंगे,
17:49वो हर किर्दार में नहीं करेंगे, लेकिन तो हर किर्दार में जब आप एक ही गिमिक क्रियेट करने कोशिच करते हैं, तो फिर वो fall flat गिरता है, फिर आपको पता चल जाता है कि आप बहुत ही limited एक्टर है, कि आप गिमिक की काम कर रहे है, गिमिक को छोड़ के, मैं थोड़
18:19करता हूँ कि किर्दार क्या-क्या कर सकते हैं, जैसे अभी मैं recently अन्देखी देख रहा था, जिसमें आपका प्लिस वाले का किर्दार है, तो बहुत easy, मतलब वहाँ पे गुंडे हैं, वो हैं, but you don't shout, बंदूग भी दिखा रहा है, तो सिर्फ के नीचे करो, नीचे करो, तो
18:49प्लिस वाले देखते हैं, but लोग relate करते हैं ऐसे character से, जैसे अभी पाताल
18:54लोक में हाथी राम चौधरी, बिल्कुल मतलब हमारे पापा प्लिस में हैं,
18:59वो बिल्कुल ऐसे हैं, तो आपको लगता है कि अभी जो इस तरहें की किर्दार हैं,
19:05प्लिस वाला ऐसे ही होगा, प्लिस वाला जो है, वो six pack वाला नहीं होता है,
19:09मतलब आपको मुझे लगता है कि शायद पूरी प्लिस force में अगर दिल्ली, मुंबई में ढूंडोगे,
19:15दो चार ही मिलेंगे six pack वाले, बाकि सब normal लोगों की तरह ही होंगे,
19:21तो ये जब police police का किर्दार play करते हैं, तो दिमाग में क्या, कौन सा reference रहता है?
19:28ऐसे कोई reference रहता है, कुछ नहीं, आप अपने, मैं अपने सबसे करता हूँ चीज़ है,
19:31क्योंकि मेरा reference वो ही है, मेरा reference simple सी बात है, मेरा director and writers,
19:37director जो चाहता है, उसी तरीके से मैं चीज़ करता हूँ, बस अपना craft डालता हूँ,
19:44और ये भी बहुत important चीज़ है कि एक police वाला है, he is a DSP, सब कुछ ठीक है,
19:53उसका भी परिवार है, उसको भी तो बंदुग, बंदुग से अगर कोई गुली मार देगा,
20:00तो क्या होगा, मर जाएगा न, तो ये सारी चीज़े उसको भी पता है,
20:04कि तो एक इंसान कैसे behave करेगा, police वाला, police वाला तो police वाला है,
20:10वो तो एक बर्दी पहना हुआ है, लेकिन अब बलते कोई इंसान है न,
20:13तो अगर इंसान की तरह से अगर उसको देखा जाये, तो आप उसको सुपर हीमन कभी मानेंगे नहीं,
20:18वो अपने एक्शन से होता है सुपर हीमन.
20:21अच्छा, थोड़ा सा अगर flashback में चलें, when you first thought of becoming an actor,
20:27दिमाग में सबसे पहला कीड़ा कप काटा के एक्टर बनें गया?
20:57कॉलेज का प्ले?
21:27कि भाई, तु बहुत अच्छा करता है, तु बेस्ट एक्टर है,
21:31बेस्ट एक्टर का प्राइज मिला, 500 रुपे मिला, कैश प्राइज मिलते थे,
21:36ऐसे 3-4 पर और मिला, फिर उसके बाद IPTA का सिल्वर जुबिली सेलिब्रेशन था,
21:44सॉल्ट लेक स्टीडिया में, वहाँ IPTA के थियर कम्पिटिशन में,
21:50वहाँ एक बहुत बड़ा वैलिटेशन मिला, तब मुझे लगा कि यार, एक्टर तो मैं हूँ,
22:05क्योंकि एक वैलिटेशन मिल गया है, लेकिन अभी मैं इसको आगे कैसे बढ़ा हूँ,
22:11कैसे लेके जाओ आगे, तब मुझे नैशनल स्कूल अब ड्रामा के बारे में पता चला,
22:17कि अगर मैं यहां पढ़ू, तो अटलिस्ट इतने बड़े-बड़े एक्टर्स यहां से निकले हुए हैं,
22:23तो कुछ तो फायदा होगा, तो नैशनल स्कूल अब ड्रामा के बारे में पता चला, वहीं से चालू हो गया.
22:30तो फर्स्ट टाइम में क्लियर किया आपने?
22:32फर्स्ट टाइम में क्लियर किया.
22:33तो आपने रेपेट्री में भी काम किया?
22:36तीन साल.
22:37तीन साल आपने रेपेट्री में काम किया?
22:39मैं अक्सर पूछता हूँ जो नस्डी के अक्टर्स होते हैं, कहीं मुझे जो रेपेट्री में काम करते हैं,
22:49तो जब वें दे आक्ट ना, तो कहीं न कहीं न वो जो एक convictionविक्षन होता है, वो नजर आता है.
22:54मतलब पता नहीं क्या है उस जगे में, कि वेनिवर अभी मैं recently I was in उदेपुर, तो वहाँ पे एक festival था उदेपुर टेल्स,
23:02तो वो एक person, अजे कुमार, वो एक faculty है, उन्होंने वहाँ एक कहानी पेश की,
23:11मतलब उन्होंने act भी किया, पहली बार मैंने देखा, music भी बज रहा था, मतलब मैं हैरान रह गया, कि यार ये क्या कमाल,
23:21इन्होंने किस तरीके से कहानी को present किया है, खुदी कपड़े change कर रहे हैं, खुदी, बट क्योंकि वो NSD से थे, जो एक impact था,
23:30बहुत सारे लोग वहाँ कहानिया सुनाने आये, अच्छे अच्छे presenters आये, बड़ जो उन्होंने बात थी न, वो एकदम सीधे दिल को जाके चुई, तो क्या है ऐसा NSD की मिट्टी में,
23:40NSD के पानी में, NSD की हवा में, जो कहीं न कहीं आपको तराश देता है, जितना मैंने observe किया. देखिये, देखिये, NSD न एक ऐसी जग है कि राष्टी नाट भी दर है, रंग मंडल, जहाँ 20 लोग का selection होता है, सब scholarship थे, सबको scholarship मिलता है, तो वहाँ आप जाके आराम से एक summer holiday �
24:10आप New Delhi 1 में हैं, Monday hours में हैं, चारो तरफ green में है, मतलब बढ़िया है, सब very good place, या तो भी आप पढ़ाई के जिए वहाँ, आपको तराश ही हो, क्योंकि NSD एक ऐसी जग है,
24:22आपको मार के तो सिखाने वाला तो है नहीं, किसी को में नहीं सिखाएंगे, खोड़ी सिखता है, और उपर से NSD एक ऐसी जग है, NSD में आपको वाकई कुछ नहीं सिखाते, NSD आपको opportunities देते हैं,
24:36और NSD आपको प्रोवाइड करते हैं, यह प्रोवाइडर है, NSD आपको प्रोवाइड करता है, अच्छे infrastructure प्रोवाइड करता है, अच्छे teachers प्रोवाइड करते हैं, अच्छे libraries प्रोवाइड करते हैं, अच्छे studios प्रोवाइड करते हैं,
24:48आप कीजिए, तो आप, NSD, कोई नौ सीखे को भी नहीं लेता, यह नहीं, NSD के selection procedure में, जो हमारे टाइम में थे, हमारे टाइम में selection procedure में, सबसे पहले ही, यह form में लिख रहा था, कि at least दस नाठकों में घिसा लिया होना चाहिए,
25:08जब कोई दस नाठक कर लेता है, 10 plays का मतलब, आप, आप, आपने शुरू कर दिया, आपने कह दिया, नाठक करने का, उसके बाद, आप form, आपके form को verify करके तीन लोग उस पर refer करते हैं, refer करेंगे, तो क्या, तो फिर already क्या होता है, जैसे कि अगर मान लिजे के मैं, मुंब
25:38से चला जाता है, तो फिर अगर उनको मलुम है कि आप यह जूत थोई न बोलेंगे, यह दस नाठक में काम किया हुआ, फिर उसके, तो यह criteria जो प्रोसेस है, जो इसमें यह पता चलता है, कोई new comers नहीं आ रहा है, already established बंदे जो है, जो deserving है, उनको लेकिया आया जा र
26:08है, तो वहाँ जो अपना कर ले, कर ले, जो ना करे, वो ना करे. तो
26:16NSD के बाद फिर मुंबई कैसे आना हुआ, और क्या स्कुल अध्राव है?
26:20NSD के बाद जो है, National School of Drama खतम करने के बाद मैंने NSD Repertory Company
26:24जोएंट की, तीन साल मैंने वहाँ काम किया, तीन साल के बाद मैंने वो
26:28Negative Repertory Company का वो काम छोड़ दिया, तीन साल में, क्योंकि उसके बाद फिर वो थोड़ा सा, उदर थोड़ा सा
26:36तोड़ा सा माहोल भी ठीक नहीं था, जोकि तोड़ा सा मुझे घुटंसी मैसेज होने लगी थी
26:42तो फिर मैं तीन साल के बाद वो छोड़ा है, छोड़ने के बाद फिर
26:48फिर मैं मुंबाई आने के लिए कुछ दिन मैंने कलकटा गया हुआ था, मौं डैट से बात करके, फिर वापस आया, तो आने के बाद पता चला कि
26:58मौंचुन वेडिंग की कास्टिंग चल रही है, तो मौंचुन वेडिंग का रोल मुझे मिला एक फ़र्स्ट फिल्म, तो वहाँ रोल मिला, वो रोल करने के बाद मैं सिधा मुंबाई आ गया हूँ.
27:10देवडी की का कहानी?
27:40इसमें तो कोई करेक्टर तो है नहीं हूँ, देवडास में क्या कर लो? या तो देवडास करोगे, या तो चुनीलाल करोगे. तो मैंने बोला या चुनीलाल मेरे को दे दे, तो उस टाइम मुझे याद है, उसने मेरे को बोला था, कि देखा मेरे ब्लैक फ्राइड़े अभ
28:10निन निनों बाद जब्बड़ लड़ने करने है. देखिए हाँ आप महराजा और राइफल क्लब तो रेसिंटली देखी?
28:15अनुराग भी हिंदु कॉलेज में एक्टी ही करता था
28:45आपको पता चल गया कि आपको पता चल गया कि आपको पता चल गया कि आपको पता चल गया कि आपको पता चल गया कि आपको पता चल गया कि आपको पता चल गया कि आपको पता चल गया कि आपको पता चल गया कि आपको पता चल गया कि आपको पता चल गया कि आपको पता चल �
29:15मेरे जैसा कोई आक्टर है जो अच्छी आक्टिंग करता है और उसको कंसिडर करना चाहिए
29:21देवडी एक उस टाइम एक उस टाइम की साथ से बहुत बड़ी कल्ट फिर्म थी
29:25हाँ वो तो आज भी है बहुत बड़ी
29:27देवडी का नाम एक एक अलग लिस्ट में आता है
29:33देवडी, Black Friday, देवडी ये सब अलग लिस्ट की फिर्म थी
29:37तो देवडी करने के बाद तो मुझे बहुत ज़ादा क्रिटिकली
29:43लोगों दे काफी अच्छा बोला, लोग काफी प्यार देना शुरू किया
29:49ऐसे देखा जाएना कैसे काफी सारी मेरी फिर्मे थी
29:55बि.ए पास के टाइम में भी सेंब चीज हुआ, Black Friday के टाइम में
30:01सेंब चीज हुआ, मैं डन डन डन गोल करके एक फिर्म की थी
30:05उसमें भी ऐसे चीजे हुई, लोगों को अच्छा लगा
30:09फिर परी आई अपना अनुशका शर्मा वाली, वहां भी लोगों को अच्छा लगा
30:15तो I was there, I was there in the industry, everybody knew me that I was there in the industry
30:27मैं कहीं भी किसी से भी मिलने जाता हूँ, तो at least लोगों को ये पता होता थे
30:32इसने इस फिल्में काम के, उसने इस फिल्में काम के, बस काम इतनी क्वांटिटी में मिल नहीं रहे थे
30:37बहुत सालों तक हमारी इंडिस्ट्री एक दिफरंट तरीके से function कर रही थी
30:43हमारी इंडिस्ट्री में एक कोड़ और कोड इस तरीकी की फिल्में होती थी
30:51हम जैसे अक्टरों के लिए रॉल था ही नहीं
30:59जब ये बाला जो movement आया, अपना अनुराकश, राम गुबल, बर्माभी, शाल्वार, दुआज
31:07ये सारी चीज़े, जो एक content driven दिवाकर भी अगर आये, तो ये एक different changes आये
31:13जिसके बल्बुते में हम जैसे अक्टरों को काम मिलना शुरुआ, फिर आया OTT
31:19फिर OTT आने के बाद, OTT आने के बाद वही बाद सेम system शुरुआ, जो पता चला कि हम जिसको liability समसते थे, ये तो asset निकले
31:29तो कभी एसा कोई rough phase आया, जब लगा कि यार मतलब जो सोच के आये थे, नहीं हो रहा यार, मतलब अफकुर्स आता है, साल में एक काम कर रहा हूँ, या साल में दो काम कर रहा हूँ, पता चल रहा है, कुछ नहीं हो रहा है
31:47और मैं थोड़ा सा उस type का reluctant actor हूँ, मतलब frankly speaking मैं हर लोगों सब हर कोई जानते हैं, कि मुझे बहुत कम लोगों ने देखा होगे का audition के line में ख़ड़ा हुआ हूँ, मैं जाता ही नहीं था, मैं सिर्फ यह बोलता हूँ, कि भाई मेरी जरुवत है, तो मुझे बुलाओ, �
32:17क्योंकि वो अपको ही decide करनी पड़ेगा संदेगे में सारी चीज़े, कुछ शर्टे तो आपके खुद की होने चीज़े, अदर दुनिया के शर्टों में चलते रहोगे तो फिर तो खतिम होगी, चीज़े खतम हो जाएगी, तो वो शर्टे मेरी थी,
32:34तो मैं हमेशे से इस तरीके से ही, रिलैक्टेंट रहके ही मैं काम करता रहा, तो हम कहा थे, क्या बोल रहा था मैं, सवाल यह था, कि लोफेज वाली बात हो रहे थे, कि कभी, तो फिर मैं, ऐसे, ऐसे टाइम होता था, फिर उस टाइम में ऐसे लगता था, कि फिर मैं अबने
33:04आगे इसको फोन करते हैं, किसको मेसेज करते हैं, फिर मेरों को हमेशे यह लगता है,
33:08कि यार, मेसेज करके बोलूं क्या, यह सबसे जुविनायल बात है, कि मैं एक एक्टर हुँ,
33:14मैं उसके साथ काम करना चाहता हूँ, बस खतम हो जाती है बात, इसके आगे क्या बोले आदमी,
33:20तो किसी के साथ मैं मिलने भी जाता हूँ ना, मतलब मालिजिए कि कौफी, चल कौफी बीता है,
33:26अब कौफी तो पी रहे, कौफी पी रहे, कुछ बोली नहीं पाए, यह तो सबसे जुविनायल बाते लगती है,
33:36कि उसके तो मालूम है कि मैं क्या बोलना चाहता हूँ, तो क्या बोले आदमी, और दो टूक बाते होती है,
33:45उसके आगर लाइफ की बाते हो सकती है, तो ऐसे फेसेज होते थे जब, तो अजीब लगता था, बुरा लगता था,
33:55लेकिन मैंने कभी इतने इंपोर्टन्स इसलिए इनको दिया नहीं, क्योंकि मैंने सोचा कि यार इतने पुरा इंपोर्टन्स इसमें दे दूँगा,
34:02तो मैं बाकी चीज़े कुछ नहीं कर पाँगा सिंदगे में, तोरा फैमिली के साथ टाइम स्पेंट करू, ठीक है, तोरा कम पैसे आ रहा है, नहीं है पैसे, डाल, चाबल, लेकिन तोरा मैं खाना बनाता हूँ, चलो, घण में खाना बना के खाना खाते, थोड़ा-थोड�
34:32यही टाइम है, तोरा फैमिली के साथ स्पेंट करने का, तोरा गारी लिये, उठा की घुंग, घुंग, घुंग, घुंग के आगे,
34:39तो बहुत सारी चीज़ है, तो मैंने इसलिए, फेजेस तो आती रहते हैं, फेजेस तो आती रहते हैं, लेकिन उस फेजेस को हेंडल आपको खुद को करना पड़ेगा, क्योंकि आप अगर उन चीज को आपको सर पर चड़ने देंगे, तो गाता जाएगा.
34:55एक चीज और, आपको लगता है कि जो आप डिसर्व करते हैं, वो द्यू आपको मिला या कम मिला?
35:25आपको लगता है कि आप बहुत मार्केटिंग नहीं करते हैं, बहुत प्यार नहीं करते हैं, आपको मैं कभी पैपराजी फेजेस पर नहीं दिखता हूँ, कि आप पैप हुए, तो क्यों?
35:55पैसे नहीं देते हैं आप पैपराजी को?
36:00आप पैसे नहीं देते हैं कि पैपराजी फेजेस करना थोड़ा सा होता नहीं है, तो तो थीख है, अपने अपको इतना बीजी, इतना इंपॉर्टिंग देने के कुछ मतलबी नहीं है.
36:20उसी में सटिस्फेक्शन है कि स्क्रीन पे जब आडियन्स देख रही है, तो कह रही है कमाल का नाम है?
36:25तो उसी में सटिस्फेक्शन होना चाहिए कि आप काम करते रहें, और काम आता रहें, और बस आदियन्स प्यार करते रहें आपसे. यही तो काम है, यही तो सब कुछ है.
36:35पैपराज्जी में मैं एरपोर्ट जा रहा हूँ, एरपोर्ट में यह कर रहा हूँ, वो कर रहा हूँ, क्या कर रहा हूँ, नहीं कर रहा हूँ, मुझे क्या लेना देना है? मैं तो इन फैक्ट मैं, अगर मैं ऐसे जा रहा हूँ, मैं देखता हूँ कि मेरे सामने कोई चल र
37:05करते रहे हैं, आपसे हमेशा जब भी मिलता हूँ, आपका काम देखता हूँ, तो बड़ा मज़ा आता है, मतलब मुझे, मतलब मेरे one of the favourite actors हैं आप, जब भी मैं screen पर देखता हूँ, तो मुझे लगता है कि हाँ यार, यह अब इस character को भी बहुत अच्छे से play किया है, so keep on doing good
37:35ख़ुश्यों पर ख़ुश्यों

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